मिथिला संस्कृति पावन-अनुपम

मिथिला की संस्कृति और साहित्य, मिथिला की लोक कला, मिथिला का स्वागत सम्मान सब अद्भुत है। पूरी दुनिया में मिथिला… Read more मिथिला संस्कृति पावन-अनुपम

चन्द्रकलाक घरआपसीक कथा फ़िल्मी छै!

क्रिसमसक भोर. निन्न फुजले छल कि मोबाइल गाबि उठल. साल्टलेक थाना सं कॉल छल -‘आसुन, आपनार लोक एसेछे बिहार थेके’.… Read more चन्द्रकलाक घरआपसीक कथा फ़िल्मी छै!

मिथिला-बांग्ला संबंधक मूक गवाह ‘विद्यापति सेतु’

  कल्लोलिनी कलकत्ता. ई महानगर देशक सांस्कृतिक राजधानीक दर्ज़ा पओने अछि. एहि ठाम केर धरती अनेको संस्कृतिक अनुपम संगम कें… Read more मिथिला-बांग्ला संबंधक मूक गवाह ‘विद्यापति सेतु’

साकांक्ष होउ, अधिकार भेटत

मैथिली उपेक्षित अछि…मिथिलाक लोक सेरायल रक्तक अछि…मैथिल अपने मे लड़ि-कटि जायत. ई सभ एहन बात अछि जे बाहरक लोक अपना… Read more साकांक्ष होउ, अधिकार भेटत

मउलाएल चेतनाक हरियाएल पक्ष

माय, मातृभूमि आ मातृभाखाक प्रति मैथिलक चेतना मउलाएल अछि कहैत कनियो ठोर नहि कंपैत अछि. एकैसम शताब्दीक दोसर दशक मे… Read more मउलाएल चेतनाक हरियाएल पक्ष

‘जाहि लागी ताहि होअय’

प्रदेश सरकार केर उदासीनता आ प्रशासनक अकर्मण्यता सं अकच्छ भ’ ग्रामीण युवक लोकनि अपनहि हाथमे कोदारि-छिट्टा ल’ सड़क पर माटि… Read more ‘जाहि लागी ताहि होअय’

मैथिली लिटरेचर फेस्टीवल पर कलबल!

एमकी पटना हमरा नीक लागल. टीशन पर उतरि जखने बाहर एलहुँ कि एकटा हवाइबस उपर सं गेल जे हमर धियान… Read more मैथिली लिटरेचर फेस्टीवल पर कलबल!

उन्मुक्त आयोजनक नबका ट्रेंड ‘अकासतर बैसकी’

बैसकी किएक? मिथिला सं ल’ परदेस धरि मैथिली भाषा-साहित्य सं जुड़ल अनेको गोष्ठी आयोजित होइत रहैत अछि. एहन गोष्ठी कोनो… Read more उन्मुक्त आयोजनक नबका ट्रेंड ‘अकासतर बैसकी’

‘अहां मैथिल छी, मैथिली बजै छी की?’

शीर्षक पढि कने उटपटांग लागल होयत. मोने सोचैत होयब जे लगभग पांच कोटि लोकक ठोर पर जाहि अमिट, अतिपावन भाषाक… Read more ‘अहां मैथिल छी, मैथिली बजै छी की?’